श्रीलंका के पूर्व ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन आज अपना 48वां बर्थेडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. मुरलीधरन विश्व के इकलौते क्रिकेटर हैं जिन्होंने टेस्ट और वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं. ये रिकॉर्ड आज भी उनके नाम है. मुरलीधरन ने अपने क्रिकेट करियर के दौरान दुनिया के सभी नाम बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया. यही वजह है कि वह इंटरनेशनल क्रिकेट में 1347 विकेट लेने में सफल रहे. मुरलीधरन ऐसे पहले क्रिकेटर थे जो मैदान के अंदर और बाहर सिर्फ क्रिकेट की बातें करते थे.


वह अपनी बॉलिंग को लेकर इतना संजीदा थे कि हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करते. मुरलीधरन को करीब से देखने वाले कुछ लोगों का कहना है कि उनकी दाहिने हाथ की उंगलियां पकी रहती थीं. बॉलिंग करते-करते उनकी कई उंगलियां सुन्न हो गई थीं. उनके दाहिने हाथ के अंगूठे में मांस बहुत कम बचा था. उनकी दाहिने हाथ की कुछ उंगलियों में सुई चुभोने पर म दर्द नहीं होता था.


आईपीएल में जब मुरलीधरन और मैथ्यू हेडन एक ही फ्रेंचाइजी से खेल रहे थे तो हेडन ने एक बार कहा था कि मुरलीधरन क्या गजब का आदमी है ऐसा इनसान मैंने पहली बार देखा जो क्रिकेट मैदान के अंदर और बाहर सिर्फ क्रिकेट की ही बातें करता है.


मुरलीधरन बॉलर तो खतरनाक थे ही साथ ही वह अपनी लाल-लाल बड़ी-बड़ी आंखों से भी बल्लेबाजों को डराने में सफल रहे. वीरेंद्र सहवाग ने एक बार कहा था कि उन्हें मुरलीधरन की बॉलिंग से कम और आंखों से ज्यादा डर लगता था.




मुरलीधरन की खासियत ये रही कि वह इनसाइड एज और आउट साइड एज दोनों तरह की गेंदें करते हुए विकेट चटकाने में माहिर थे. मुरली दूसरा फेंकने के लिए काफी मशहूर रहे. भारत के स्पिनर हरभजन सिंह ने एक बार मुरली से कहा था कि वह उन्हें भी दूसरा गेंद करना सिखाएं.


मुरलीधरन बातों-बातों में बल्लेबाजों को मैदान पर चिढ़ाते भी थे. जयपुर में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच में जब महेंद्र सिंह धोनी ने 183 रनों की पारी खले थी उस दौरान मुरलीधरन ने धोनी को लेककर कुछ बात कही थी थी. जिसके बाद धोनी ने उन पर छक्के लगाये थे.


साल 2010 में मुरलीधरन जब अपना आखिरी टेस्ट गाले में भारत के खिलाफ खेल रहे थे तो उन्होंने टेस्ट मैचों में 800 विकेट का आंकड़ा छूने के लिए 8 विकेट की दरकार थी. मुरलीधरन ने उस मैच में 8 विकेट लिए थे. अपने टेस्ट करियर में आखिरी विकेट के तौर पर उन्होंने प्रज्ञान ओझा को आउट कर 800 टेस्ट विकेट पूरे किए.


श्रीलंका में क्रिकेट का विकास करने में मुरलीधरन का खासा योगदान है. सुनामी के चलते जब गाले स्टेडियम प्रभावित हुए तो उसके पुर्ननिर्माण में मुरलीधरन ने खासा योगदान किया. जिसके बाद दोबारा गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण हुआ.


मुरलीधरन ने श्रीलंका के लिए 133 टेस्ट खेले जिनमें उन्होंने 800 विकेट हासिल किए टेस्ट में 51 रन 9 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. जबकि 350 वनडे मैचों में उनके नाम 534 विकेट दर्ज हैं. एकदिवसीय क्रिकेट में 30 रन पर 7 विकेट उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन है. मुरलीधरन ने इसके अलावा 12 टी20 इंटरनेशनल मैच भी श्रीलंका के लिए खेले जिनमें उन्होंने 13 विकेट अपने नाम किए.