
डॉक्टर आर गंगाखेडकर
देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और आईसीएमआर ने बुधवार को संयुक्त संवाददाता सम्मेलन करते हुए बताया कि चमगादड़ से इंसान में इस तरह वायरस आने की घटना बहुत दुर्लभ है। ऐसा 1000 साल में एक बार होता है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की तरफ से डॉक्टर आर गंगाखेडकर ने बताया कि चीन में हुए शोध के अनुसार, यह पाया गया कि कोरोना वायरस चमगादड़ों में उत्पन्न हुआ, फिर यह पैंगोलिन तक पहुंच गया होगा और इसके बाद पैंगोलिन से होते हुए यह वायरस मनुष्यों में पहुंच गया।
गंगाखेडकर ने कहा कि हमने भी जांच की, जिसमें हमने पाया कि दो प्रकार के चमगादड़ थे, जिनमें कोरोना वायरस पाया गया लेकिन वह मनुष्यों को प्रभावित करने में सक्षम नहीं था। उन्होंने कहा कि यह दुर्लभ है, शायद 1000 वर्षों में एक बार यह चमगादड़ से मनुष्यों में स्थानांतरित हो जाता है।
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We also conducted surveillance, in which we found that there are two types of bats, and they carried #Coronavirus which was not capable of affecting humans. It's rare, maybe once in 1000 years that it gets transmitted from bats to humans: Raman Gangakhedkar, ICMR) (2/2) https://twitter.com/ANI/status/1250378274334806017 …
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#WATCH As per research in China, it was found that #Coronavirus might have originated due to mutation in bats. Bats might have transmitted it to pangolins, from pangolins it got transmitted to humans: R Gangakhedkar, Indian Council of Medical Research (ICMR) (1/2)
देश के जिलों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा
वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश के जिलों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। इनमें हॉटस्पॉट जिले, गैर-हॉटस्पॉट जिले और ग्रीन जोन जिले शामिल होंगे। पहली दो श्रेणियों में वो जिले आएंगे, जहां मामले सामने आ रहे हैं। जबकि तीसरा जोन वो होगा, जहां कोरोना के नए मामले नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 1076 नए मामले सामने आए हैं।
अग्रवाल ने बताया कि कैबिनेट सचिव ने बुधवार को सभी मुख्य सचिवों, डीजीपी, स्वास्थ्य सचिवों, कलेक्टरों, एसपी, नगर आयुक्तों और सीएमओ के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें हॉटस्पॉट्स क्षेत्रों पर चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र स्तर पर वायरस के प्रसार को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों को लेकर दिशानिर्देश भी दिया गया। साथ ही राज्यों ने कोविड-19 हॉटस्पॉट से निपटने के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। सचिव ने बताया कि इन हॉटस्पॉट्स क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण भी किया जाएगा।
संयुक्त सचिव ने कहा कि जिन जिलों को हॉटस्पॉट घोषित नहीं किया गया है, लेकिन वहां मामले सामने आ रहे हैं, उन्हें लगातार काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे जिलों को रोकथाम रणनीति शुरू करनी चाहिए।
अग्रवाल ने देश में कोरोना वायरस के सामुदायिक प्रसारण को लेकर बताया कि भारत में अब तक कोई सामुदायिक प्रसारण नहीं हुआ है, केवल कुछ स्थानीय प्रकोप हुए हैं। उन्होंने बताया कि विशेष दल नए कोविड-19 मामलों की खोज करेंगे और नमूने एकत्र किए जाएंगे। साथ ही नमूने के मानदंडों के अनुसार इसका परीक्षण किया जाएगा।
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