डिप्रेशन एक बड़ी मानसिक बीमारी है एक ऐसी बिमारी जिससे ग्रसित व्यक्ति को खुद नहीं पता होता है कि ये बीमारी उसको किस रास्ते लेके जाएगी। डिप्रेशन से ग्रसित व्यक्ति धीरे-धीरे समाज से दूर होते जाता है ऐसा आदमी आपको हमेशा अकेले में दिखेगा, ऐसे लोग किसी से मिलने जुलने से कतराने लगते हैं। डिप्रेशन आज के समय की आम बिमारी की तरह हो गई है जिस से पीड़ित व्यक्तियों की संख्या बहुत ही अधिक है। इसका परिणाम भी बहुत घातक है बहुत कोई तो उबर जाते हैं इस बिमारी से लेकिन जो संभल नहीं पाते वो अप्रत्याशित कदम उठा लेते हैं जिसमें आत्महत्या भी शामिल है। लेकिन आस्था का सहारा लेके इस मुसीबत से पार पाया जा सकता है चाहे आप किसी भी धर्म या मज़्हब को मानने वाले हों। सिर्फ डिप्रेशन ही नहीं जिन्दगी से चाहे जो भी लड़ाई लड़ रहे हों अगर आप आस्था में बने रह कर अपना लड़ाई जारी रखते हैं तो आप अपनी लड़ाई आसानी से जीत सकते हैं। जब आदमी डिप्रेशन में होता है तो उसको सबसे ज्यादा जरूरत होती है एक मजबूत सहारे की, भगवान पर आपकी आस्था तो फिजिकल तौर पर मदद नहीं कर सकती लेकिन यही आस्था आपको इस लड़ाई में आपको इतना मजबूत बना सकता है कि आप बिना किसी सहारे के भी जिन्दगी की इस जंग को जीत सकते हैं। ये हमेशा याद रखना चाहिए कि आप किसी भी समय अकेले नहीं होते हैं उपर वाला हमेशा आपके साथ होता है, जिस ने आपको बनाया है वो आपको अकेले कभी नहीं छोड़ सकता। भले ही आज आप किसी भी तरह की मुसीबत में पड़े हों और चाहे मुसीबत कितना ही गहरा क्यूँ ना हो एक ना एक दिन उपर वाला आपको इस मुसीबत से ज़रूर बाहर निकालेगा। कोई भी मुसीबत ऊपर वाला, आदमी के बरदास्त के बाहर का नहीं देता है।
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