जूता चप्पल बनाने वाली कंपनी रिलैक्सो फुटवियर का शेयर निवेशकों के लिए करोड़पति शेयर साबित हुआ है.


जूता चप्पल बनाने वाली कंपनी रिलैक्सो फुटवियर का शेयर निवेशकों के लिए करोड़पति शेयर साबित हुआ है.

जूता चप्पल बनाने वाली कंपनी रिलैक्सो फुटवियर का शेयर निवेशकों के लिए करोड़पति शेयर साबित हुआ है. पिछले 10 साल में कंपनी के शेयर का भाव करीब 7100 फीसदी या 72 गुना बढ़ गया है. इस लिहाज से अगर किसी ने 10 साल पहले यहां 1 लाख रुपये निवेश कर इंतजार किया होता, तो उसका पैसा बढ़कर 72 लाख रुपये हो जाता. रिलैक्यो फुटवियर के शेयर में पिछले 10 साल से लगातार तेजी बनी हुई है. 20 फरवरी 2020 को शेयर 830 रुपये के हाई पर पहुंचा था. हालांकि लॉकडाउन के चलते यह कमजोर होकर अभी 650 रुपये के आस पास ट्रेड कर रहा है.

जनवरी 2010 में रिलैक्यो के एक शेयर का भाव 9.16 रुपये था. वहीं 28 मई 2020 को यह बढ़कर 650 रुपये के भाव के करीब पहुंच गया. यानी बीते 10 साल के दौरान कंपनी के शेयर में करीब 72 गुना की तेजी आ चुकी है. शेयर के लिए 52 हफ्तों का हाई 830 रुपये है. जबकि 52 हफ्तों का लो 352 रुपये है. लॉकडाउन की वजह से शेयर में 52 हफ्तों के हाई से करीब 180 रुपये की गिरावट आई है.

लॉकडाउन से कारोबार पर असर

पिछले दिनों कंपनइने जानकारी दी थी कि लॉकडाउन की वजह से कंपनी के कारोबार पर असर हुआ है. लॉकडाउन के बाद मार्च के कुछ दिन और पूरे अप्रैल में सेल्स आपरेशन को बंद रखना पड़ा. इस दौरान कंपनी की ओवरआल डिमांड प्रभावित हुई है, हालांकि कुछ एरिया में लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद ओपन स्लीपर्स की डिमांड में सुधार हुआ है. लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद कंपनी के 4 प्लांट में काम शुरू हो गया है. हालांकि कंपनी के सप्लाई चेन को लेकर कोई चिंता नहीं है.

नॉन लेदर प्रोडक्ट पर फोकस

कंपनी आगे के लिए नॉन लेदर फुटवियर प्रोडक्ट बनाने पर फोकस कर रही है. बता दें कि अभी दुनियाभर में नॉन लेदर फुटवियर की कुल फुटवियर में 86 फीसदी हिस्सेदारी है. ऐसे में इस प्लान से कंपनी को फायदा होगा. कंपनी पहले से नॉन लेदर प्रोडक्ट पर काम कर रही है. कंपनी रबड़, ईवीए और पीयू स्लीपर्स बनाती है. वहीं कैनवास, स्पोर्ट, स्कूल शूज और सैंडल्स बनाती है. कंपनी के पोर्टफोलियो में नामी 10 ब्रांड जुड़े हैं.