
Coronavirus Effect कोरोना के कहर से 21 दिन के लॉकडाउन coronavirus lockdown से उद्योग ठप होने का खतरा मंडराने लगा है। प्रदेश की इकोनॉमी पर संकट आ गया है। आवश्यक सामान को छोड़कर बाकी सारे कारोबार बंद कर दिए हैं। इससे राजस्व घट गया है, तो दूसरी ओर निजी सेक्टर में भी बेरोजगारी और पैसे का संकट खड़ा होने की स्थिति बन गई है। लॉकडाउन से प्रत्येक सेक्टर पूरी तरह प्रभावित है। यहां तक कंपनियों ने कर्मचारियों को नौकरियों से निकालना भी शुरू कर दिया है। वहीं इंदौर में सॉफ्टवेयर कंपनियों में काम करने वाले जॉब को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
राजस्व के साथ, बेरोजगारी पर भी संकट
लॉकडाउन अप्रेल में खुलता है, तब भी इस 21 दिन के बंद से प्रदेश की अर्थव्यवस्ता चरमरा जाएगी। सरकार इससे चिंतित है, लेकिन अभी कोरोना के बढ़ते कहर कके कारण अर्थव्यवस्था संभालने से ज्यादा सेहत के मोर्चे डटी हुई है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर कोरोना की ज्यादा चपेट में है। इससे अर्थव्यवस्था ठप है। यहां पीथमपुर और देवास में बड़े औद्योगिक हब है। वहीं भोपाल में मंडीदीप भी औद्योगिक एरिया है। जो 21 दिन के लॉकडाउन के चलते पूरी तरह बंद है। इससे सरकार का राजस्व के साथ लोगों के बेरोजगारी पर भी संकट छाने लगा है।
राजस्व भी हुआ कम
लॉकडाउन के कारण सरकारी दफ्तर बंद हैं। इससे राजस्व में कमी आई है। जमीनों की खरीद-फरोख्त बंद हो गई। रजिस्ट्री न होने से राजस्व पर असर आया। केवल आबकारी छोड़कर बाकी सारे राजस्व बंद हो गए। मध्यप्रदेश सरकार के आकलन के हिसाब से इससे औसत पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी का सालाना हिसाब गड़बड़ा गया। इस पांच प्रतिशत में से 2 प्रतिशत वृद्धि घट गई है।
आईटी सेक्टर में आएगा असर
कोरोना वायरस से इस समय पूरी दुनिया प्रभावित हो चुकी है। कामकाज ठप होने से अर्थव्यवस्था बिगड़ चुकी है। आने वाले कुछ समय में आईटी सेक्टर में मंदी का असर दिखेगा। यहां से काफी लोगों को जॉब छोड़ना व निकाला जा सकता है। ऐसे कुछ संकेत इन दिनों मिलने लगे हैं। खासकर वे कंपनियों जो अमेरिका से प्रोजेक्ट लेकर काम करती हैं। - अवनीश व्यास, प्लेसमेंट ऑफिसर, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय
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