गंभीर ने ट्वीट किया- वो परिवार का हिस्सा थीं


इलाज के दौरान 21 अप्रैल को महिला की मौत


देश में कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई के बीच पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने इंसानियत की मिसाल पेश की है. गंभीर ने एक महिला का अंतिम संस्कार किया, जो पिछले 6 साल से उनके घर में काम कर रही थी.


जानकारी के मुताबिक, ओडिशा की रहने वाली सरस्वती पात्रा शुगर और ब्लडप्रेशर से काफी लंबे समय से जूझ रही थीं. कुछ दिनों पहले उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 21 अप्रैल को इलाज के दौरान सरस्वती ने आखिरी सांसें लीं.


वहीं, उनके निधन पर गंभीर ने ट्वीट करके कहा कि वो मेरे परिवार का हिस्सा थीं. उनका अंतिम संस्कार करना मेरा कर्तव्य था. हमेशा जाति, पंथ, धर्म या सामाजिक स्थिति के बावजूद गरिमा में विश्वास रखता हूं. मेरे लिए बेहतर समाज बनाने का यही तरीका है. मेरे विचार में भारत यही है. ओम शांति.


Taking care of my little one can never be domestic help. She was family. Performing her last rites was my duty. Always believed in dignity irrespective of caste, creed, religion or social status. Only way to create a better society. That’s my idea of India! Om Shanti pic.twitter.com/ZRVCO6jJMd


— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) April 23, 2020


गंभीर ने कोरोना योद्धाओं को नमन करते हुए कहा कि हमने पिछले 30 दिनों में राशन किट और हर दिन करीब 10 हजार लोगों में भोजन बांटा है. करीब 15 हजार N95 मास्क, 4200 पीपीई किट और शेल्टर होम्स को 2000 बेड के इंतजाम किए हैं.




बता दें कि देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 21 हजार 700 हो गया है. इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आकर अब तक 686 लोग जान गंवा चुके हैं. कोरोना से निपटने के लिए 3 मई तक लॉकडाउन घोषित है.